इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए इनकम का हिसाब-किताब इनकम टैक्स एक्ट के प्रावधानों के मुताबिक करना होता है। प्रत्येक इंडिविजुअल और अविभाजित हिंदू परिवार (एचयूएफ) के लिए रिटर्न फाइल करना जरूरी है, अगर उनकी इनकम इनकम टैक्स से छूट की सीमा से ज्यादा है। यहां यह बात ध्यान देने की है रिटर्न फाइल करने के लिए कुल इनकम का हिसाब लगाते वक्त डिडक्शन को शामिल न करें। यह भी बता दें कि सरकार ने एचयूएफ और 65 साल से कम उम्र के पुरुषों के लिए एक लाख रुपये तक की इनकम को टैक्स दायरे में शामिल नहीं किया है। 65 साल से कम उम्र की महिलाओं के लिए यह सीमा 1.35 लाख रुपये है, जबकि इससे ज्यादा उम्र के व्यक्तियों को 1.85 लाख रुपये तक की इनकम पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। तो फाइनेंशल ईयर 2006-07 के दौरान अगर आपकी कुल इनकम टैक्स छूट के दायरे से ज्यादा है, तो आपको टैक्स रिटर्न फाइल करना है। अब टैक्स रिटर्न फाइल करते हुए ध्यान रखी जाने लायक कुछ बातों की चर्चा:
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by indianboy 853 days ago (navbharattimes.indiatimes.com)
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The truth that makes men free is for the most part the truth which men prefer not to hear. - Herbert Agar
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