राजधानी में गुरुवार को ओलिंपिक मशाल रैली के दौरान तिब्बती प्रदर्शनकारियों ने दो तरह से विरोध प्रदर्शन की रणनीति बनाई है। एक तरफ जहां तिब्बती यूथ कांग्रेस के सदस्य मशाल रैली के दौरान उग्र विरोध प्रदर्शन की योजना बना रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ तिब्बत स्वायत्तता कमिटी द्वारा शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करने के लिए राजघाट से जंतर-मंतर तक एक समानांतर शांति रैली का आयोजन किया जा रहा है। इस रैली में बड़ी संख्या में तिब्बत से निर्वासित बौद्ध भिक्षु और तिब्बत की निर्वासित सरकार के प्रतिनिधियों के अलावा कुछ जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता भी हिस्सा लेंगे। विरोध जताने के लिए ये लोग भी मशाल लेकर दौड़ेंगे। इस मशाल को शांति मशाल का नाम दिया गया है।
तिब्बत स्वायत्तता कमिटी के सूत्रों के मुताबिक सुबह 10 बजे राजघाट पर एक प्रार्थना सभा होगी। इसके बाद मशाल जलाई जाएगी और 11 बजे के करीब समता स्थल से शांति रैली शुरू होगी। इस दौरान धर्मशाला (हिमाचल प्रदेश) स्थित तिब्बतन इंस्टिट्यूट ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट के छात्र याक डांस और तिब्बत के पारंपरिक नृत्य की प्रस्तुति करेंगे। यह रैली समता स्थल से एनएनजेपी रोड, रामलीला ग्राउंड चौक, रणजीत सिंह फ्लाईओवर, बाराखंबा रोड, टॉलस्टॉय रोड क्रॉसिंग, कस्तूरबा गांधी मार्ग और जनपथ से होते हुए जंतर-मंतर तक जाएगी। इसे पूर्व रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। सबसे पहले पूर्व नैशनल स्विमर और सोशल एक्टिविस्ट नफीसा मशाल लेकर दौड़ेंगी। इसके बाद तिब्बतियों और भारतीयों के 50 धावकों का कोर ग्रुप मशाल लेकर दौड़ेगा।
उधर बुधवार देर शाम पुलिस मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जॉइंट कमिश्नर (ट्रैफिक) एस. एन. श्रीवास्तव ने इस बात का खुलासा किया कि फिलहाल शांति रैली के रूट को मंजूरी नहीं दी गई है। इस बारे में विचार-विमर्श किया जा रहा है। अगर शांत रैली के आयोजन को अनुमति मिलती है, तो जिन रास्तों से यह रैली गुजरेगी, उन रास्तों पर भी सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक के लिए समुचित इंतजाम किए जाएंगे।
पीस रन के आयोजन से जुड़ी तिब्बत की निर्वासित सरकार की प्रतिनिधि यूडान उकात्सांग ने बताया कि हमारा प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण और सांकेतिक होगा। इसके लिए सभी तैयारियां कर ली गई हैं।
home






