7

उच्चतम न्यायालय रामसेतु संबंधी याचिकाओं को अब कल निपटायेगा। इन याचिकाओं में मांग की गयी है कि अदालत इसे राष्ट्रीय विरासत घोषित करे ताकि इसे तोड़ा नहीं जा सके।

सेतु समुद्रम योजना बंद करें: शंकराचार्य

मुख्य न्यायाधीश के जी बालाकृष्णन न्यायमूर्ति आर बी रवीन्द्र और जे एम पांचाल ने आज सुनवाई के बाद इनके अंतिम निपटारे लिए कल की तिथि तय की। एक याचिकाकर्ता सुब्रहमण्यम स्वामी के वकीलों ने कहा कि उन्हें भ्रम था कि मामले की सुनवाई कल के लिए निर्धारित है।

सेतु समुद्रम निगम की ओर से उपस्थित वरिष्ठ वकील एफ एस नरीमन ने अंतरिम रोक हटाने की मांग की। अदालत ने गत 31 अगस्त को अंतरिम रोक लगाते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया था कि परियोजना को पूरा करने के लिए सफाई करते वक्त इस बात का ध्यान रखा जाये कि रामसेतु को नुकसान नहीं पहुंचे।

राम सेतु परियोजना से तटरक्षक चिंतित

एक अन्य याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील के के वेणुगोपाल ने अनुरोध कि मामला पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ को सौंप दिया जाए क्योंकि यह कानून के अलावा करोड़ों लोगों की आस्था का भी सवाल है1

एक अन्य वकील एम एन कृष्णमणि ने कहा कि वर्षो से विचाराधीन इस परियोजना के प्रति श्री नरीमन जैसी जल्दबाजी कर रहे हैं वह समय से परे है।

न्यायाधीशों ने स्पष्ट किया कि याचिकाओं पर फैसला एक दिन में नहीं हो सकता जैसा कि श्री नरीमन चाहते हैं।


Comments

Log in to comment or register here

Voters
User Votes: 7, Anonymous Votes: 0, Story Karma: 65.48